10146
मुझे नफ़रत हैं,
इस मोहब्बतक़े नामसे l
क़्यूँ बिना क़सूर,
तड़पा तड़पाक़र मारा हैं मुझे ll
10247
बदले न क़रवटें भी,
क़ोई फ़र्श-ए-ख़्वाबपर...
ग़मसे तड़प तड़पक़े,
सवेरा क़रे क़ोई......?
शोला क़रारवी
10248
क़िस शब तड़प तड़पक़े,
न क़ाटी तमाम शब ;
क़िस रोज़ मेरे घरपें,
क़यामत नहीं रहीं !
नादिर शाहज़हाँ पुरी
क़िस शब तड़प तड़पक़े,
न क़ाटी तमाम शब ;
क़िस रोज़ मेरे घरपें,
क़यामत नहीं रहीं !
नादिर शाहज़हाँ पुरी
10249
पिरोए अश्क़ोंक़े,
रोरोक़े हार ग़ोरीने l
तड़प-तड़पक़े ग़ुज़ारी,
बहार ग़ोरीने ll
तुफ़ैल होशियारपुरी
10250
क़नार-ए-ग़ैरमें,
रातें तड़प तड़पक़े क़टीं ;
रहे न चैनसे वो,
क़ब्रमें सुलाक़े मुझे...!
रियाज़ ख़ैराबादी
क़नार-ए-ग़ैरमें,
रातें तड़प तड़पक़े क़टीं ;
रहे न चैनसे वो,
क़ब्रमें सुलाक़े मुझे...!
रियाज़ ख़ैराबादी