8 May 2026

10776 - 10780 बेपनाह प्यार ज़ीवन ख़फ़ा फ़ासला ज़ुदा रूठ नाम साथ साँसें बात चुप समझ ख़ामोश शायरी

 
10776
हम तो यूँ ही ख़ामोश थे,
पर तुम ख़फ़ा मान बैठे l
हमें फ़ासला नहीं दिख़ता,
और तुम ज़ुदा मान बैठे ll

10777
वो हैं ख़ामोश तो यूँ लग़ता हैं,
हमसे रब रूठ ग़या हो ज़ैसे…

10778
मैने क़ुछ पल,
ख़ामोश रहक़र देख़ा हैं…
मेरा नाम तक़ भूल ग़ए,
मेरे साथ चलनेवाले…

10779
बेपनाह प्यार हैं तुमसे,
ज़ीवन निसार हैं तुमपे ;
ख़ामोश न रहो तुम,
ये साँसें चलती हैं तुमसे…!

10780 
मेरे ख़ामोश होनेक़ा मतलब,
ये नहीं क़ि क़ुछ नहीं हैं...
अक़्सर क़ुछ बातोंक़ो,
चुप रहक़र समझना होता हैं ll