11536
सबक़े दिलोंक़ा एहसास अलग़ होता हैं...
इस दुनियाँमें सबक़ा व्यवहार अलग़ होता हैं...
आँख़ें तो सबक़ी एक़ ज़ैसी हीं होती हैं...
पर सबक़ा देख़नेक़ा अंदाज़ अलग़ होता हैं...
11537
एक़ नज़रमें दुनियाँ भरसे,
एक़ नज़रमें क़ुछभी नहीं…l
चाहतमें अंदाज़ नज़र ही,
चाहतक़ा पैमाना हैं…ll
अंदलीब शादानी
11538
अबभी इक़ उम्रपें,
ज़ीनेक़ा न अंदाज़ आया ;
ज़िंदग़ी छोड़ दे पीछा मिरा,
मैं बाज़ आया ll
शाद अज़ीमाबादी
अबभी इक़ उम्रपें,
ज़ीनेक़ा न अंदाज़ आया ;
ज़िंदग़ी छोड़ दे पीछा मिरा,
मैं बाज़ आया ll
शाद अज़ीमाबादी
11539
ज़िंदग़ी भीक़भी देती हैं,
तो क़ीमत लेक़र ;
रोज़ फ़रियादक़ा,
अंदाज़ बदलते रहिए ll
मेराज़ फ़ैज़ाबादी
11540
ग़ुज़र रही हैं,
ग़नीमत हैं ज़िंदग़ी माना
मग़र ये एक़ ही,
अंदाज़से ग़ुज़रना क़्या……
मुशफ़िक़ ख़्वाज़ा
ग़ुज़र रही हैं,
ग़नीमत हैं ज़िंदग़ी माना
मग़र ये एक़ ही,
अंदाज़से ग़ुज़रना क़्या……
मुशफ़िक़ ख़्वाज़ा