16 August 2026

11221 - 11225 प्यार मोहब्बत दिल वक़्त सफ़र सब्र एहसास ग़हरा इंतज़ार इज़हार आँसू उदास सुक़ून दास साँस ज़ुदाई शायरी

 
11221
बरसोंक़ी ज़ुदाई भी,
क़म नहीं क़र पायी मोहब्बत 
l
वक़्त ग़ुज़रा मग़र,
मोहब्बत आज़भी हैं ज़िंदा ll

11222
लंबे सफ़रक़ी ज़ुदाईने,
सिख़ाया सब्र क़रना l
पर मोहब्बतक़ा एहसास,
आज़ भी ताज़ा हैं ll

11223
जितनी लंबी ज़ुदाई,
उतना ग़हरा इंतज़ार 
l
शायद य हैं,
सच्चे प्यारक़ा असली इज़हार 
ll

11224
आँसू उदास बहते हैं,
तेरे नामसे l
ज़ुदाईने छीन लिया,
वो सुक़ून अरसेसे…ll

11225
दूरियाँ बढ़ीं तो बढ़ीं,
पर दिल तो अभी पास हैं l
तेरे बिना ये ज़िंदग़ी,
बस एक़ उदास साँस हैं ll