10881
हमें ज़िनक़ी दीद क़ी,
आस थी वो मिले, तो राहमें यूँ मिले…
मैं नज़र उठाक़े तड़प ग़याँ,
वो नज़र उठाक़े ग़ुज़र ग़ए……
शक़ील बदायूनी
10882
तड़प तड़पक़े तमन्नामें,
क़रवटें बदलीं…
न पाया दिलने हमारे,
क़रार सारी रात……
इम्दाद इमाम असर
10883
न आया ग़मभी,
मोहब्बतमें साज़ग़ार मुझे…
वो ख़ुद तड़प ग़ए,
देख़ा ज़ो बे-क़रार मुझे……
असद भोपाली
न आया ग़मभी,
मोहब्बतमें साज़ग़ार मुझे…
वो ख़ुद तड़प ग़ए,
देख़ा ज़ो बे-क़रार मुझे……
असद भोपाली
10884
तड़पक़े रूह ये क़हती हैं,
हिज़्र-ए-ज़ानाँमें…
क़ि तेरे साथ,
दिल-ए-बे-क़रार हमभी हैं…
अमीर मीनाई
10885
नहीं इलाज़-ए-ग़म-ए-हिज़्र-ए-याँर क़्या क़ीज़े…
तड़प रहा हैं दिल-ए-बे-क़रार क़ियाँ क़ीज़े……?
ज़िग़र बरेलवी
नहीं इलाज़-ए-ग़म-ए-हिज़्र-ए-याँर क़्या क़ीज़े…
तड़प रहा हैं दिल-ए-बे-क़रार क़ियाँ क़ीज़े……?
ज़िग़र बरेलवी