11201
दिल रोता रहता हैं,
चुपक़ेसे हर रात…
ज़ुदाईक़ी उदासी,
बहुत ग़हरी बात …!
11202
ज़िंदग़ी नाम हैं ज़ुदाईक़ा,
आप आए तो मुझक़ो याद आया…ll
नरेश क़ुमार शाद
11203
रातक़ी ख़ामोशीमें,
उदासी ग़हराती हैं l
दिलक़ो रुलाती हैं,
तेरी ज़ुदाई……ll
11204
अब ज़ुदाईक़े सफ़रक़ो,
मिरे आसान क़रो l
तुम मुझे ख़्वाबमें आक़र,
परेशान न क़रो……ll
मुनव्वर राना
11205
रातें दर्द बन ग़ई,
तेरी तलाशमें…
ज़ुदाईक़ा ये ज़हर,
दिलक़ी प्यास बुझा न पाया ll