7 May 2016

66 मोहब्बत क़िस्सा मौसम बदल फसल बरबाद शायरी


66

बरबाद, Ruin

This was the whole story,
Of my love...
You changed like the weather,
I was ruined like the crop...

बस इतनासा ही क़िस्सा था,
मेरी मोहब्बतका...
मौसमकी तरह तुम बदल गयी,
फसलकी तरह मैं बरबाद हो गया...

No comments:

Post a Comment