Showing posts with label हाल दिल शोर शब हिज़्रां सितारे रौशन प्यास चीख़ चीज़ लब ख़ामुशी ख़ामोशी शायरी. Show all posts
Showing posts with label हाल दिल शोर शब हिज़्रां सितारे रौशन प्यास चीख़ चीज़ लब ख़ामुशी ख़ामोशी शायरी. Show all posts

16 May 2026

10816 - 10820 हाल दिल शोर क़ाएनात शब रौशन तराना चीख़ चीज़ लब ख़ामुशी ख़ामोशी शायरी


10816
शोर ज़ितना हैं क़ाएनातमें शोर,
मेरे अंदरक़ी ख़ामुशीसे हुआ ll
                                            क़ाशिफ़ हुसैन ग़ाएर

10817
शब-ए-हिज़्रां बुझा बैठी हूँ मैं,
सारे सितारेपर…
क़ोई फ़ानूस रौशन हैं,
ख़मोशीसे मेरे अंदर !

10818
मिरी प्यासक़ा तराना,
यूँ समझ न आ सक़ेग़ा l
मुझे आज़ सुनक़े देख़ो,
मिरी ख़ामोशीसे आग़े ll
                                     नीना सहर

10819 
ख़ामोशीसे ज़ब,
तुम भर ज़ाओग़े…
चीख़ लेना थोड़ा,
वरना मर ज़ाओग़े !

10820
हम लबोंसे क़ह न पाए उनसे,
हाल-ए-दिल क़भी…
और वो समझे नहीं,
ये ख़ामुशी क़्या चीज़ हैं ll
                                            निदा फ़ाज़ली