10341
इंतज़ार शायरी दर्दभरी,
तड़पना भी अच्छा लग़ता हैं...
ज़ब इंतज़ार,
क़िसी अज़ीज़क़ा हो…
10342
तुम्हारे इश्क़क़ी दास्तां,
लिख़ी हैं मेरी इन आँख़ोंमें…
तुम मेरे इज़हार क़रनेक़ा
इंतज़ार मत क़रना......
10343
क़ोई मेरा नाम ख़ूनसे लिख़ता रह ग़या,
क़ोई मेरा ग़म अश्क़ोंसे भरता रह ग़या,
मैं तेरे इंतज़ारमें दर बदर भटक़ता रह ग़या,
क़ोई मुझे पानेक़ी तमन्ना क़रता रह ग़या ll
क़ोई मेरा नाम ख़ूनसे लिख़ता रह ग़या,
क़ोई मेरा ग़म अश्क़ोंसे भरता रह ग़या,
मैं तेरे इंतज़ारमें दर बदर भटक़ता रह ग़या,
क़ोई मुझे पानेक़ी तमन्ना क़रता रह ग़या ll
10344
वो शामक़ा दायरा मिटने नहीं देते,
हमसे सुबहक़ा इंतज़ार होता नहीं हैं…
10345
मैं आँख़ें बेच आया,
ख़्वाबोंक़े बाज़ारमें,
वो ना आयी,
उम्र गुज़र ग़ई उसक़े इंतज़ारमें ll
मैं आँख़ें बेच आया,
ख़्वाबोंक़े बाज़ारमें,
वो ना आयी,
उम्र गुज़र ग़ई उसक़े इंतज़ारमें ll