10351
बेक़रारी सी बेक़रारी हैं।
आज़ भी तेरी इंतिज़ारी हैं।
10352
आप इंतज़ारक़ा मतलब,
उनसे पूछिए साहब...
ज़िनक़ो पूरा पता हो क़े,
मिलना नसीबोंमें नहीं...
फिर भी इश्क़ क़िए बैठे हैं...!
10353
बिन तुम्हारे क़भी नहीं आई,
क़्या मिरी नींद भी तुम्हारी हैं ?
हां तुम्हारी यादें बहुत आई,
लग़ता हैं तुम्हारी यादें हमारी हैं ll
बिन तुम्हारे क़भी नहीं आई,
क़्या मिरी नींद भी तुम्हारी हैं ?
हां तुम्हारी यादें बहुत आई,
लग़ता हैं तुम्हारी यादें हमारी हैं ll
10354
ख़ुदाक़ो चाहते चाहते...
ख़ुदाक़े हीं हो ग़ए... l
हम उनक़ा इंतज़ार क़रते क़रते...
इंतज़ारमें हीं रह ग़ए...... ll
10355
मर ना ज़ाऊं क़हीं तुम्हारे,
इंतज़ारमें पनघटपें हीं...
मुझ मरते हुए इन्सानक़ो,
बचाने नहीं आओग़ी क़्या...... ।
मर ना ज़ाऊं क़हीं तुम्हारे,
इंतज़ारमें पनघटपें हीं...
मुझ मरते हुए इन्सानक़ो,
बचाने नहीं आओग़ी क़्या...... ।