Showing posts with label उम्र नींद ख़्याल ख़्वाब अल्फ़ाज़ ख़ामोशी दिन रात याद इश्क़ बेवफ़ा तड़प शायरी. Show all posts
Showing posts with label उम्र नींद ख़्याल ख़्वाब अल्फ़ाज़ ख़ामोशी दिन रात याद इश्क़ बेवफ़ा तड़प शायरी. Show all posts

26 December 2025

10201 - 10205 उम्र नींद ख़्याल ख़्वाब अल्फ़ाज़ ख़ामोशी दिन रात याद इश्क़ बेवफ़ा तड़प शायरी

 
10201
चाहे सारी उम्र,
तेरे लिए तड़पते रहेंग़े,
पर तेरे थे और हमेशा,
तेरे ही रहेंग़े !

10202
आज़ नींद तक़ नहीं आई,
तेरे ख़्यालसे...
एक़ ख़्वाब देख़नेक़े लिए,
तड़प उठे हम

10203
तड़प रहे हैं हम तुमसे,
एक़ अल्फ़ाज़क़े लिए...
तोड़ दो ख़ामोशी,
हमें ज़िन्दा रख़नेक़े लिए

10204
दिन भी ठीक़से नहीं ग़ुज़रता,
और रात भी बड़ी तड़पाती हैं l
क़्या क़रू यार तेरी याद ही जो,
इतनी आती हैं...ll

10205
तड़पक़े ज़ब मेरे इश्क़में,
तू रोना चाहोग़ी,
मेरी याद तो आएग़ी मगर...
ये बेवफ़ा, तू मुझे न पायेग़ी ll