Showing posts with label दिल मोहब्बत शिक़ायत भूल साथ सूरत आईना साँसे क़हानी सायाँ निशानी ज़ुदाई शायरी. Show all posts
Showing posts with label दिल मोहब्बत शिक़ायत भूल साथ सूरत आईना साँसे क़हानी सायाँ निशानी ज़ुदाई शायरी. Show all posts

19 August 2026

11236 - 11240 दिल मोहब्बत शिक़ायत भूल साथ हौसला सूरत आईना साँसे क़हानी सायाँ निशानी ज़ुदाई शायरी

 
11236
भूल ज़ानेक़ा हौसला ना हुआ;
दूर रहक़र भी वो ज़ुदा ना हुआ 
l
उनसे मिलक़र क़िसी औरसे क़्या मिलते;
क़ोई दूसरा उनक़े ज़ैसा ना हुआ 
ll


11237
ज़ुदाईक़ी रुतोंमें,
सूरतें धुँदलाने लग़ती हैं l
सो ऐसे मौसमोंमें,
आईना देख़ा नहीं क़रते ll
हसन अब्बास रज़ा

11238
ज़ुदा तो एक़ दिन साँसेभी होग़ी...
तो शिक़ायत सिर्फ़ मोहब्बतसे क़्यों…?

11239
सियह-बख़्तीमें,
क़ब क़ोई क़िसीक़ा साथ देता हैं l
क़ि तारीक़ीमें सायाँभी,
ज़ुदा रहता हैं इंसासे ll
इमाम बख़्श नासिख़ 

11240
हर लड़क़ीक़े दिलमें,
एक़ क़हानी होती हैं l
क़भी हंसी तो क़भी ज़ुदाईक़ी,
निशानी होती हैं 
ll