Enjoy 10500 + Fragrances of Shayari. Feel the Emotions, Expressions, Love, Ethics and beautiful colours of Life. ANDAAZ-A-SHAYARI is a Heartfelt collection touching every Soul... Baten, Khamosh, Vasta, Manzil Maikhana Rahen, Furkat, Bevafah, Khyal, Dard, Judai Shayari
30 August 2026
11291 - 11295 दुनियाँ ज़िन्दग़ी साँस सज़ा प्यार रूह मुमक़िन नज़दीक़ बिछड़ शायरी
29 August 2026
11286 - 11290 दिल एहसास ज़ीवन सपना ख़ुशी दर्द ग़म इम्कान ख़ुश बिछड़ शायरी
11286
बिछड़नेक़ा दर्द क़ुछ यूँ मिला,
हर ख़ुशीमें भी अब ग़मसा ख़िला ll
बिछड़ना सिर्फ़,
दूर होना नहीं होता,
ये वो एहसास हैं, ज़ो दिलमें,
हमेशाक़े लिए बस ज़ाता हैं।l
मुझसे बिछड़क़े रहना तुम्हे,
अच्छा लग़ता हैं ना,
तो ज़ाओ ख़ुश रहो,
मुझेभी तुम्हारी ख़ुशी,
अच्छी लग़ती हैं…!
28 August 2026
11281 - 11285 शज़र परिंदे मिलाप एहसास ख़ास मुक़म्मल पल टूट भुला हिस्स-ए-मिज़ाह बिछड़ शायरी
बिछड़क़े तुझसे न देख़ा ग़या,
क़िसीक़ा मिलाप…
उड़ा दिए हैं परिंदे,
शज़रपें बैठे हुए……
अदीम हाशमी
अभी बाक़ी हैं बिछड़ना उससे,
ना-मुक़म्मल ये क़हानी हैं अभी…
तारिक़ क़मर
उसक़ा बिछड़ना ले ग़या,
हिस्स-ए-मिज़ाह तक़…
हँसनेक़ी बात क़रता हूँ,
हँसता क़ोई नहीं……
ओसामा ज़ुरै
27 August 2026
11276 - 11380 क़ातिब तक़दीर झग़ड़ साथ सवार रिश्ता तारा आसमान अज़ब हाल पराया शहर बिछड़ शायरी
11276
ज़िसक़ो मैं अपना बनाता हूँ,
बिछड़ ज़ाता हैं…l
मेरी बनती ही नहीं,
क़ातिब-ए-तक़दीरक़े साथ…ll
शौक़त फ़हमी
बिछड़क़े भी वो,
मिरे साथ ही रहा हरदम…
सफ़रक़े बादभी,
मैं सफ़रमें सवार रहा ll
शक़ील आज़मी
तमाम शहर,
पराया दिख़ाई देता हैं ll
मरग़ूब अली
26 August 2026
11271 - 11275 बेबस वक़्त आँख़ अश्क़ मलाल हालात तक़ाज़ा अदा घमंड़ गिला बात मोहब्बत संवर बिछड़ शायरी
11271
यूँ ना ख़ींच अपनी तरफ़,
मुझे बेबस क़रक़े l
क़ि ख़ुदसे बिछड़ ज़ाऊँ,
और तू भी ना मिले……ll
हालातक़ा तक़ाज़ा था,
एक़ बार मिलक़े हम…
बिछड़े क़ुछ इस अदासे,
क़े दोबारा मिल न सकें……
ये क़िस मोड़पर तुम्हे,
बिछड़नेक़ी सूझी…
मुद्दतोंक़े बाद तो,
संवरने लग़े थे हम……
25 August 2026
11266 - 11270 दिल इत्तिफ़ाक़ नसीब क़रीब आसान पल दास्तान सोच क़हानी वक़्त साथ बिछड़ शायरी
11266
मिलना था इत्तिफ़ाक़,
बिछड़ना नसीब था…
वो उतनी दूर हो ग़यी,
ज़ितनी क़रीब थी ll
अंजुम रहबर
उसक़े बारेमें,
बहुत सोचता हूँ…
मुझसे बिछड़ा,
तो क़िधर ज़ाएग़ा……
फ़रहत अब्बास शाह
ये बिछड़ते वक़्त,
क़हना चाहता था साहिबा ;
मैं तुम्हारे साथ,
रहना चाहता था साहिबा…
हमज़ा हस्साम
24 August 2026
11261 - 11265 सोच साथ बिछड़ उम्र मलाल ख़्वाहिश उम्र मंज़ूर बिछड़ शायरी
11261
तू भी तो रोएग़ा उम्रभर…
ये सोच ले क़ि,
मैं भी तिरीमें हूँ ll
क़ुछ दिन तो मलाल उसक़ा हक़ था,
बिछड़ा तो ख़याल उसक़ा हक़ था ll
क़िश्वर नाहीद
11265
क़ितना फ़ासला था, हमारे दरमियान...
हमें तुम्हारा बिछड़ना मंज़ूर नहीं था ll
23 August 2026
11256 - 11260 दिल मुमक़िन ग़हराई ख़्वाब बात सोच अधूरा ज़वाब सूरत चेहरा मंज़िल ख़ामोश तन्हा याद ख़्याल शाम क़ाज़ल बिछड़ शायरी
11256
नहीं अब क़ोई ख़्वाब ऐसा,
तिरी सूरत ज़ो दिख़लाए…
बिछड़क़र तुझसे क़िस मंज़िलपर,
हम तन्हा चले आए……
ख़लील-उर-रहमान आज़मी
याद हैं अबतक़,
तुझसे बिछड़नेक़ी वो अँधेरी शाम मुझे…
तू ख़ामोश ख़ड़ी थी लेक़िन,
बातें क़रता था क़ाज़ल……
नासिर क़ाज़मी
22 August 2026
10251 - 10255 एहसास अज़ीब क़रीब क़िताब फ़ूल ख़्वाब रूठ मुलाक़ात तूफ़ान इज़ाज़त हिज़्र बिछड़ शायरी
10251
ज़ब तुझसे बिछड़े,
तो दिन भी अज़ीब थे l
दूर होक़र एहसास हुआ,
हम तेरे क़ितने क़रीब थे ll
पहले देता हूँ,
बिछड़नेक़ी इज़ाज़त तुझक़ो…
फ़िर तेरा हिज़्र मनाक़र मैं,
बहुत रोता हूँ ll
21 August 2026
11246 - 11250 पल रिश्ते रफ़ू मिल बेनूर चिराग़़ उज़ाला ग़म क़म बिछड़ शायरी
11246
पलोंक़ी उधेड़ बुनमें,
ना ज़ाने क़ितने रिश्ते उधड़ ग़ए,
मैं रफ़ू क़रता रहा,
ना ज़ाने फ़िरभी अपने क़्यों बिछड़ ग़ए।
एक़ तुमही न मिल सक़े,
वरना... मिलनेवाले तो…
बिछड़ बिछड़क़े मिले……
बिछड़क़र हमसे वो पूछते रहें,
‘क़ोई ग़म हैं क़्या…?’
हमने क़हा, ‘ज़ी रहें हैं हम’,
ये क़म हैं क़्या……?
20 August 2026
11241 - 11245 दिल ज़िंदग़ी ख़फ़ा रूह लिबास धज़्ज़ियाँ हबाब ज़ख़्म दर्द नींद सब्र अंदाज़ ज़ुदाई शायरी
11241
क़िस क़िसक़ो बताएँग़े,
ज़ुदाईक़ा सबब हम…
तू मुझसे ख़फ़ा हैं,
तो ज़मानेक़े लिए आ……!
अहमद फ़राज़
तू हम-दमोंसे ज़ुदा रह क़ि,
टूट ज़ाता हैं…
हबाबक़े ज़ो क़रीं,
दूसरा हबाब आया ll
मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
फ़क़ीर मिज़ाज़ हूँ,
मैं अपना अंदाज़,
औरोंसे ज़ुदा रख़ता हूँ l
लोग़ मस्ज़िदोमें ज़ाते हैं,
मैं अपने दिलमें ख़ुदा रख़ता हूँ ll
19 August 2026
11236 - 11240 दिल मोहब्बत शिक़ायत भूल साथ हौसला सूरत आईना साँसे क़हानी सायाँ निशानी ज़ुदाई शायरी
11236
भूल ज़ानेक़ा हौसला ना हुआ;
दूर रहक़र भी वो ज़ुदा ना हुआ l
उनसे मिलक़र क़िसी औरसे क़्या मिलते;
क़ोई दूसरा उनक़े ज़ैसा ना हुआ ll
हर लड़क़ीक़े दिलमें,
एक़ क़हानी होती हैं l
क़भी हंसी तो क़भी ज़ुदाईक़ी,
निशानी होती हैं ll
18 August 2026
11231 - 11235 दिल आँसू मुस्क़ुरा दर्द धूप ज़िस्म होंठ क़हानी सदा ग़ुफ़्तुग़ू समझ ज़ुदाई शायरी
11231
आँसू छुपाक़र मुस्क़ुराना,
सीख़ लिया हैं,
ज़ुदाईक़े दर्दक़ो,
दिलमें दबा लिया हैं।
क़ुछभी हो वो अब दिलसे,
ज़ुदा हो नहीं सक़ते…
हम मुज़रिम-ए-तौहींन-ए-वफ़ा,
हो नहीं सक़ते……
टूटे दिलक़ी क़हानी,
क़ोई नहीं समझता,
ज़ुदाईक़ा दर्द समझता वहीं हैं,
ज़ो सहता हैं।
17 August 2026
11226 -11230 दिल साथ पल पल सुनसान उदास शामें बिख़रा सनम दुनियाँ बिछड़ ज़िस्म तन्हाई ज़ुदाई शायरी
11226
साथ बिताए वो पल,
अब बस पलहैं,
तेरी ज़ुदाईसे,
घरभी अब सुनसान हैं।
तू मिला भी हैं... तू ज़ुदा भी हैं... तेरा क़्या क़हना...
तू सनम भी हैं... तू ख़ुदा भी हैं... तेरा क़्या क़हना…
ज़िस दिनसे,
वो ज़ुदा हुआ हैं…
मैने,
ज़िस्म नहीं पहना हैं……ll
16 August 2026
11221 - 11225 प्यार मोहब्बत दिल वक़्त सफ़र सब्र एहसास ग़हरा इंतज़ार इज़हार आँसू उदास सुक़ून दास साँस ज़ुदाई शायरी
11221
बरसोंक़ी ज़ुदाई भी,
क़म नहीं क़र पायी मोहब्बत l
वक़्त ग़ुज़रा मग़र,
मोहब्बत आज़भी हैं ज़िंदा ll
जितनी लंबी ज़ुदाई,
उतना ग़हरा इंतज़ार l
शायद य हैं,
सच्चे प्यारक़ा असली इज़हार ll
दूरियाँ बढ़ीं तो बढ़ीं,
पर दिल तो अभी पास हैं l
तेरे बिना ये ज़िंदग़ी,
बस एक़ उदास साँस हैं ll
15 August 2026
11216 - 11220 ज़िंदग़ी उदास दर्द आँख क़हानी परछाई क़दम साथ ग़हरा सिलसिला तलाश सुक़ून आँसू ज़ुदाई शायरी
11216
दर्द छुपा हैं आँखोंमें, नमीसी रहती हैं l
ज़ुदाईने लिख़ी हैं, वो दर्द भरी क़हानी ll
दर्दक़ी ग़हराईमें, डूबा रहता हूँ l
तेरी ज़ुदाईक़ा सिलसिला, सहता रहता हूँ ll
आँसू दर्द बनक़र, बहते रहते हैं l
ज़ुदाईक़ी रातें, ज़लती रहती हैं ll
14 August 2026
11211 -11215 बहला अदा दर्द क़िस्मत ख़ुशबू बर्बाद ग़म लम्हें यादें साँस ज़ुदाई शायरी
11211
न बहलावा न समझौता,
ज़ुदाईसी ज़ुदाई हैं…
'अदा' सोचो तो ख़ुशबूक़ा सफ़र,
आसाँ नहीं होता……
अदा ज़ाफ़री
मैने समझा था क़ि,
लौट आते हैं ज़ानेवाले ;
तूने ज़ाक़र तो,
ज़ुदाई मिरी क़िस्मत क़र दी ll
अहमद नदीम क़ासमी
ग़म अज़ीज़ोंक़ा,
हसीनोंक़ी ज़ुदाई देख़ी…
देख़े दिख़लाए अभी,
ग़र्दिश-ए-दौराँ क़्या क़्या......
अख़्तर शीरानी
13 August 2026
11206 - 11210 ज़िंदग़ी बयान आसान दर्द वक़्तनिशानी तलब दाग़ याद वज़ह सज़ा दीवार खुशी बिख़र ज़ुदाई शायरी
11206
ज़ुदाईक़ा दर्द,
बयान क़रना आसान नहीं,
पर तेरे बिना रहनाभी,
क़हाँ मुमक़िन हैं।
इस ज़ुदाईमें,
तुम अंदरसे बिख़र ज़ाओग़े…
क़िसी मा'ज़ूरक़ो देख़ोग़े,
तो याद आऊँग़ा ll
वसी शाह
घरक़ी हर दीवार,
तेरी यादोंसे भरी हैं,
तेरी ज़ुदाईने,
ज़िंदग़ी अधूरी क़र दी हैं।
12 August 2026
11201 - 11205 दिल ज़िंदग़ी चुपक़े बात याद उदासी दर्द ख़ामोशी परेशान ख़्वाब प्यास ज़हर तलाश ज़ुदाई शायरी
11201
दिल रोता रहता हैं,
चुपक़ेसे हर रात…
ज़ुदाईक़ी उदासी,
बहुत ग़हरी बात …!
11203
रातक़ी ख़ामोशीमें,
उदासी ग़हराती हैं l
दिलक़ो रुलाती हैं,
तेरी ज़ुदाई……ll
11205
रातें दर्द बन ग़ई,
तेरी तलाशमें…
ज़ुदाईक़ा ये ज़हर,
दिलक़ी प्यास बुझा न पाया ll
11 August 2026
11196 - 11200 दिल दर्द साँसें आग़ रात नाम आँसू यादें उदास लम्हे परछाई तन्हाई ज़ुदाई शायरी
11196
दिल ज़लता रहता हैं, तेरी ज़ुदाईमें,
दर्दक़ी ये आग़, बुझती नहीं रातमें…
तेरी यादें सताती हैं, हर रातक़ो तन्हा क़र,
ज़ुदाईक़ा दर्द, दिलक़ो रुलाता हैं रातभर…
साँसें थमसी ज़ातीं हैं, तेरी याद आते ही…
उदास लम्हे ग़िनता हूँ, रातभर ज़ाग़ते ज़ाग़ते…..
10 August 2026
11191 - 11195 ज़िंदग़ी नींद शब पल मुँह क़समें वादा सबक़ बहार आलम ख़िज़ाँ वस्ल फ़िक़्र ज़ुदाई शायरी
11191
थी वस्लमेंभी,
फ़िक़्र-ए-ज़ुदाई तमाम शब…
वो आए तो भी,
नींद न आई तमाम शब……
मोमिन ख़ाँ मोमिन
वस्लमें रंग़ उड़ ग़या मेरा,
क़्या ज़ुदाईक़ो मुँह दिख़ाऊँग़ा ll
मीर तक़ी मीर
मिरी बहारमें,
आलम ख़िज़ाँक़ा रहता हैं l
हुआ ज़ो वस्ल तो,
ख़टक़ा रहा ज़ुदाईक़ा ll
ज़लील मानिक़पूरी
8 August 2026
11186 - 11190 दिल सूरत शक़्ल मोड़ तन्हा साथ मतलब दाग़ अल्फ़ाज़ मुश्क़िल तलाश फ़ासले ज़ुदाई शायरी
इक़ शक़्ल हमें फ़िर भाई हैं,
इक़ सूरत दिलमें समाई हैं l
हम आज़ बहुत सरशार सही,
पर अग़ला मोड़ ज़ुदाई हैं ll
अतहर नफ़ीस
ज़ुदा क़िसीसे क़िसीक़ा,
ग़रज़ हबीब न हो…
ये दाग़ वो हैं क़ि,
दुश्मनक़ोभी नसीब न हो ll
नज़ीर अक़बराबादी
तिरी तलाशमें निक़ले तो,
इतनी दूर ग़ए…
क़ि हमसे तय न हुए,
फ़ासले ज़ुदाईक़े ll
ज़ुनैद हज़ीं लारी
7 August 2026
11181 - 11185 दिल वक़्त इख़्तिलात एहसास ताक़त घड़ि दर्द क़हानी पल तलाश ख़बर ज़ुदाई शायरी
11181
क़्यूँ बढ़ाते हो,
इख़्तिलात बहुत…
हमक़ो ताक़त नहीं,
ज़ुदाई क़ी……
अल्ताफ़ हुसैन हाली
11183
महिने वस्लक़े,
घड़ियोंक़ी सूरत उड़ते ज़ाते हैं…
मग़र घड़ियाँ ज़ुदाईक़ी,
गुज़रती हैं महिनोंमें ll
अल्लामा इक़बाल
11185
टुक़ ख़बर ले क़ि,
हर घड़ी हमक़ो...
अब ज़ुदाई,
बहुत सताती हैं l
ख़्वाज़ा मीर ‘दर्द’
6 August 2026
11176 - 11180 दिल प्यार ख़लल पज़ीर रब्त वक़्त इंतज़ार आसान सवाल सच्चा मयस्सर क़ुर्बते ज़ुदाई शायरी
11176
ख़लल-पज़ीर हुआ,
रब्त-ए-मेहर-ओ-माहमें वक़्त l
बता ये तुझसे ज़ुदाईक़ा,
वक़्त हैं क़ि नहीं ll
अज़ीज़ हामिद मदनी
क़भी क़भी तो ये दिलमें,
सवाल उठता हैं…
क़ि इस ज़ुदाईमें,
क़्या उसने पा लिया होग़ा…?
अनवार अंज़ुम
ज़ुदा थे हम,
तो मयस्सर थी क़ुर्बतें क़ितनी...
बहम हुए तो पड़ी हैं,
ज़ुदाईयाँ क़्या क़्या ?
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
5 August 2026
11171 - 11175 दिल क़दर मुसलसलक़दर शिद्दतें ज़ुदाई बेवफ़ाई साथ ख़ुश्क़ पलक़ें दर्द ख़ौफ़ ज़ुदाई शायरी
ख़ुश्क़ ख़ुश्क़सी पलक़ें,
और सूख़ ज़ाती हैं……
मैं तिरी ज़ुदाईमें,
इस तरह रोता हूँ……
अहमद राही
बस एक़ ख़ौफ़ था ज़िंदा,
तिरी ज़ुदाईक़ा…
मिरा वो आख़िरी दुश्मनभी,
आज़ मारा ग़या……
ख़ालिद मलिक़ साहिल
4 August 2026
11166 - 11170 प्यार मेहरबाँ नज़र शुक़्रिया तोहफ़ा फ़ैसला फ़ासला लहर आधा आँख़ रुख़सत ज़ुदाई शायरी
11166
उस मेहरबाँ नज़रक़ी,
इनायतक़ा शुक़्रिया l
तोहफ़ा दिया हैं,
हमक़ो ज़ुदाईक़ा ll
उदासीक़ी लहरोंमें,
बहता रहता हूँ l
तेरी ज़ुदाईमें,
ख़ोता रहता हूँ ll
11170
ज़ुदाईक़ा हमें क़्या,
वो हसते हसते सह्य लेंग़े…
आँख़ोमें उनक़े प्यार दिख़ाई दे,
तो ज़मानेसे रुख़सत क़र लेंग़े !
2 August 2026
11161 - 11165 मोहोबत पैरहन ख़ुशबू घबरा भूल ग़ुरूर ज़ंग़ धमक़ि बदमाशि क़दर शिक़वा-ए-ज़ुदाई शायरी
11161
ज़ब अपने पैरहनसे,
ख़ुशबू तुम्हारी आई…
घबराक़े भूल बैठे हम,
शिक़वा-ए-ज़ुदाई……!
धमक़ियाँ देता हैं,
और वो भी ज़ुदाईक़ी...
मोहोबतमें भी देख़ो…
बदमाशियाँ मेरे याँरक़ी…...
लाऊँग़ा क़हाँसे,
ज़ुदाईक़ा हौसला…
क़्यों क़ोंई इस क़दर,
मेरे क़रीब आ रहा हैं ?