11216
दर्द छुपा हैं आँखोंमें, नमीसी रहती हैं l
ज़ुदाईने लिख़ी हैं, वो दर्द भरी क़हानी ll
11217
दर्दक़ी परछाई, हर क़दम हैं साथ l
ज़ुदाईने बना दी, ज़िंदग़ी उदास ll
111218
दर्दक़ी ग़हराईमें, डूबा रहता हूँ l
तेरी ज़ुदाईक़ा सिलसिला, सहता रहता हूँ ll
दर्दक़ी ग़हराईमें, डूबा रहता हूँ l
तेरी ज़ुदाईक़ा सिलसिला, सहता रहता हूँ ll
11219
आँख़े नम रहती हैं, तेरी तलाशमें l
ज़ुदाईने छीन लिया सुक़ून, तुम्हारी आसमें ll
11220
आँसू दर्द बनक़र, बहते रहते हैं l
ज़ुदाईक़ी रातें, ज़लती रहती हैं ll
आँसू दर्द बनक़र, बहते रहते हैं l
ज़ुदाईक़ी रातें, ज़लती रहती हैं ll
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