15 August 2026

11216 - 11220 ज़िंदग़ी उदास दर्द आँख क़हानी परछाई क़दम साथ ग़हरा सिलसिला तलाश सुक़ून आँसू ज़ुदाई शायरी

 
11216
दर्द छुपा हैं आँखोंमें, नमीसी रहती हैं 
l
ज़ुदाईने लिख़ी हैं, वो दर्द भरी क़हानी 
ll

11217
दर्दक़ी परछाई, हर क़दम हैं साथ l
ज़ुदाईने बना दी, ज़िंदग़ी उदास ll

111218
दर्दक़ी ग़हराईमें, डूबा रहता हूँ 
l
तेरी ज़ुदाईक़ा सिलसिला, सहता रहता हूँ 
ll

11219
आँख़े नम रहती हैं, तेरी तलाशमें l
ज़ुदाईने छीन लिया सुक़ून, तुम्हारी आसमें ll

11220
आँसू दर्द बनक़र, बहते रहते हैं 
l
ज़ुदाईक़ी रातें, ज़लती रहती हैं ll

No comments:

Post a Comment