बिछड़क़े तुझसे न देख़ा ग़या,
क़िसीक़ा मिलाप…
उड़ा दिए हैं परिंदे,
शज़रपें बैठे हुए……
अदीम हाशमी
11282
तू बिछड़ा तो ये एहसास हुआ,
तेरा होना क़ितना ख़ास हुआ…!
11283
अभी बाक़ी हैं बिछड़ना उससे,
ना-मुक़म्मल ये क़हानी हैं अभी…
तारिक़ क़मर
अभी बाक़ी हैं बिछड़ना उससे,
ना-मुक़म्मल ये क़हानी हैं अभी…
तारिक़ क़मर
11284
मैं हर उस पल टूटक़र,
बिछड़ ज़ाती हुँ l
तेरा यूँ बिछड़ ज़ाना,
और फ़िर तेरा मुझे भुला देना ll
11285
उसक़ा बिछड़ना ले ग़या,
हिस्स-ए-मिज़ाह तक़…
हँसनेक़ी बात क़रता हूँ,
हँसता क़ोई नहीं……
ओसामा ज़ुरै
उसक़ा बिछड़ना ले ग़या,
हिस्स-ए-मिज़ाह तक़…
हँसनेक़ी बात क़रता हूँ,
हँसता क़ोई नहीं……
ओसामा ज़ुरै
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