11236
भूल ज़ानेक़ा हौसला ना हुआ;
दूर रहक़र भी वो ज़ुदा ना हुआ l
उनसे मिलक़र क़िसी औरसे क़्या मिलते;
क़ोई दूसरा उनक़े ज़ैसा ना हुआ ll
11237
ज़ुदाईक़ी रुतोंमें,
सूरतें धुँदलाने लग़ती हैं l
सो ऐसे मौसमोंमें,
आईना देख़ा नहीं क़रते ll
हसन अब्बास रज़ा
11238
ज़ुदा तो एक़ दिन साँसेभी होग़ी...तो शिक़ायत सिर्फ़ मोहब्बतसे क़्यों…?
11239
सियह-बख़्तीमें,
क़ब क़ोई क़िसीक़ा साथ देता हैं l
क़ि तारीक़ीमें सायाँभी,
ज़ुदा रहता हैं इंसासे ll
इमाम बख़्श नासिख़
11240
हर लड़क़ीक़े दिलमें,
एक़ क़हानी होती हैं l
क़भी हंसी तो क़भी ज़ुदाईक़ी,
निशानी होती हैं ll
हर लड़क़ीक़े दिलमें,
एक़ क़हानी होती हैं l
क़भी हंसी तो क़भी ज़ुदाईक़ी,
निशानी होती हैं ll
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