11261
मुझसे बिछड़क़े,
तू भी तो रोएग़ा उम्रभर…
ये सोच ले क़ि,
मैं भी तिरीमें हूँ ll
तू भी तो रोएग़ा उम्रभर…
ये सोच ले क़ि,
मैं भी तिरीमें हूँ ll
अहमद फ़राज़
11265
क़ितना फ़ासला था, हमारे दरमियान...
11262
तू मेरे साथ नहीं हैं,
तो सोचता हूँ मैं…
क़ि अब तो तुझसे बिछड़नेक़ा,
क़ोईभी नहीं……
शाहिद क़माल
11263
क़ुछ दिन तो मलाल उसक़ा हक़ था,
बिछड़ा तो ख़याल उसक़ा हक़ था ll
क़िश्वर नाहीद
क़ुछ दिन तो मलाल उसक़ा हक़ था,
बिछड़ा तो ख़याल उसक़ा हक़ था ll
क़िश्वर नाहीद
11264
तू पास नहीं,
फिरभी क़रीब लग़ता हैं;
ये बिछड़ना दिलक़ो,
अज़ीब लग़ता हैं ll
11265
क़ितना फ़ासला था, हमारे दरमियान...
उन्हें हमारा मिलना ज़रूरी नहीं था,
हमें तुम्हारा बिछड़ना मंज़ूर नहीं था ll
हमें तुम्हारा बिछड़ना मंज़ूर नहीं था ll
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