11286
बिछड़नेक़ा दर्द क़ुछ यूँ मिला,
हर ख़ुशीमें भी अब ग़मसा ख़िला ll
11287
अबक़े 'वक़ार' ऐसे बिछड़े हैं…
मिलनेक़ा इम्कान नहीं हैं ll
वक़ार मानवी
11288
बिछड़ना सिर्फ़,
दूर होना नहीं होता,
ये वो एहसास हैं, ज़ो दिलमें,
हमेशाक़े लिए बस ज़ाता हैं।l
बिछड़ना सिर्फ़,
दूर होना नहीं होता,
ये वो एहसास हैं, ज़ो दिलमें,
हमेशाक़े लिए बस ज़ाता हैं।l
11289
उनसे 'शरर' क़ुछ ऐसे बिछड़े…
ज़ीवनक़ा हर सपना बिख़रा ll
शरर फ़तेह पुरी
11290
मुझसे बिछड़क़े रहना तुम्हे,
अच्छा लग़ता हैं ना,
तो ज़ाओ ख़ुश रहो,
मुझेभी तुम्हारी ख़ुशी,
अच्छी लग़ती हैं…!
मुझसे बिछड़क़े रहना तुम्हे,
अच्छा लग़ता हैं ना,
तो ज़ाओ ख़ुश रहो,
मुझेभी तुम्हारी ख़ुशी,
अच्छी लग़ती हैं…!