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15 October 2016

635 मुशायरा महफ़िल शेर सुन दर्द महसूस दिल शायरी


635

Dil, Heart

शायरी करनेके लिए क्या चाहिए,
ना कोई मुशायरा, ना ही कोई महफ़िल चाहिए,
शेरको सुनकर जो दर्द महसूस कर सके,
सिर्फ़ एक ऐसा दिल चाहिए...

What is required to write a Poem,
Neither any Function nor any Gathering is Required,
Which can Feel the Pain by Listening Poem,
Like One Heart is required...