Showing posts with label मोहब्बत लिपट ख़्वाब रिश्ते पहल शिक़ायत मिलन उम्र ग़हरा क़बूल इंतज़ार शायरी. Show all posts
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26 January 2026

10336 - 10340 मोहब्बत लिपट ख़्वाब रिश्ते पहल शिक़ायत नज़रअंदाज़ मिलना उम्र ठहरा ग़हरा क़बूल इंतज़ार शायरी

 
10336
तुम तो लिपटक़े सो ग़ए,
क़िसी औरक़े ख़्वाबोंसे, यारा...
मैने तुम्हारे इंतज़ारमें,
रात आँख़ोंमें गुज़ार दी......

10337
नज़रअंदाज़ क़रनेसे,
रिश्ते नहीं संभलते,
एक़ पहल सारी शिक़ायतें,
दूर क़रनेक़े इंतज़ारमें रह ज़ाती हैं…

10338
तुझसे मिलना तो,
अब ख़्वाब लग़ता हैं हमें l
इसलिए मैने तेरे इंतज़ारसे
मोहब्बत क़ी हैं…!

10339
क़ुछ ग़हरासा लिख़ना था हमें,
हम तुम्हारी आँख़ोंसे ज़्यादा, क़्या लिखूं ?
क़ुछ ठहरासा लिख़ना था हमें,
अब तुम्हारे इंतज़ारसे ज़्यादा, क़्या लिखूं...?

10340
दुआओंमें मांग़ चुक़े हैं,
हम तुम्हें...
क़बूल होनेक़ा इंतज़ार,
उम्रभर रहेग़ा...