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19 July 2017

1541 - 1545 दिल ज़िन्दगी याद बात निगाह नज़र रुला किस्मत खूबि जुबां ऐतबार भूल कहानी शायरी


1541
रुलाया ना कर,
हर बातपर ऐ जिंदगी...
जरूरी नहीं सबकी किस्मतमें,
चूप कराने वाले हो...

1542
खूबियाँ इतनी तो नहीं हममें,
कि तुम्हे कभी याद आएँगे,
पर इतना तो ऐतबार हैं हमें खुदपर,
आप हमे कभी भूल नही पाएँगे..

1543
आपने नज़रसे नज़र कब मिला दी,
हमारी ज़िन्दगी झूमकर मुस्कुरा दी,
जुबांसे तो हम कुछ भी न कह सके,
पर निगाहोंने दिलकी कहानी सुना दी..

1544
गमको बेचकर खुशी खरीद लेगे,
ख्याबोंको बेचकर ज़िन्दगी खरीद लेगें,
होगी इम्तहान तो देखेगी दुनियाँ,
खुदको बेचकर आपकी दोस्ती खरीद लेगे…

1545
राज़ ख़ोल देते हैं,
नाज़ुक़से इशारे अक़्सर...
क़ितनी ख़ामोश,
मोहब्बतक़ी ज़ुबां होती हैं...