2 June 2016

197 अज़ीब दुनियाँ दौलत पहेरेदार बेइमानी ईमानदार शक्स दस्तूर शायरी


197

दस्तूर, Rule

What a Strange rule...
No matter How Unethically you gather the Wealth,
The Care taker must be Trustworthy !

अज़ीब दुनियाँक़ा दस्तूर हैं…
दौलत चाहे क़ितनी भी बेइमानीसे घर आये,
पर उसक़ी पहेरेदारीक़े लिये,
ईमानदार शक्स चाहिये ॥

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