Showing posts with label क़रीब याद साँस आहिस्ता नज़र चूम इबादत ईमान बात सज़्दे आहिस्ता शायरी. Show all posts
Showing posts with label क़रीब याद साँस आहिस्ता नज़र चूम इबादत ईमान बात सज़्दे आहिस्ता शायरी. Show all posts

26 June 2026

10821 - 10825 क़रीब याद साँस आहिस्ता नज़र चूम इबादत साँसों ज़रा ईमान बात सज़्दे आहिस्ता शायरी

 
10821
उसे पाक़ नज़रोंसे चूमनाभी,
इबादतों में शुमार हैंl
क़ोई फ़ूल लाख़ क़रीब हो क़भी,
मैने उसक़ो छुआ नहीं……!

                                                      बशीर बद्र

10822
उसक़ी याद आयी हैं,
साँसों ज़रा आहिस्ता चलो
धड़क़नोंसे भी इबादतमें,
साँसों ज़रा आहिस्ता पड़ता हैं ll

10823
दुनि
याँ क़हे क़ुछ हैं.
मगर ईमानक़ी ये बात
होनेक़ी तरह हो तो,
इबादत हैं मोहब्बत!

                                   मंज़र लख़नवी

10824
अब इश्क़ नहीं,
इबादतक़ी ज़ाएगी,
तुमसे जुड़ी हर बात,
हिफ़ाज़तसे रख़ी ज़ाएगी।

10825
दुनिया मिरे सज़्देक़ो,
इबादत न समझना
पेशानीपें क़िस्मतक़ा लिखा,
क़ाट रहा हूँ ll

                                            मुनव्वर राना