10286
दामन छुड़ाक़े उनसे मैं,
ज़ाऊँ तो क़्या क़रूँ...
क़ैसे तड़प तड़पक़े,
बुलाएँ मोहब्बतें......!
मुसर्रत ज़बीं ज़ेबा
10287
क़्या सावन क़ैसी बरसातें,
क़्या सख़ियाँ क़्या मिलनक़ी रात...
रोता हैं दिल तड़प तड़प,
ज़ब याद पियाक़ी आती हैं......
उस्ताद वज़ाहत हुसैन ख़ाँ
10288
सुब्ह-ए-अज़लसे,
शाम-ए-अबद तक़ हैं एक़ दिन,
ये दिन तड़प तड़पक़े,
बसर क़र रहे हैं हम...
रईस अमरोहवी
सुब्ह-ए-अज़लसे,
शाम-ए-अबद तक़ हैं एक़ दिन,
ये दिन तड़प तड़पक़े,
बसर क़र रहे हैं हम...
रईस अमरोहवी
10289
अश्क़ आए ग़म-ए-शहसे,
ज़ो चश्म-ए-तरमें
दिल ज़लने लग़ा,
तड़प तड़पक़र बरमें...
अहमद हुसैन माइल
10290
तेरी यादके सहारे,
ही तो इश्क़ ज़िंदा हैं,
मर ज़ाते तड़पक़े,
गर याद साथ न होती ll
तेरी यादके सहारे,
ही तो इश्क़ ज़िंदा हैं,
मर ज़ाते तड़पक़े,
गर याद साथ न होती ll