Showing posts with label निग़ाह लुत्फ़ शरमा सितम इम्तिहाँ लम्हा हुस्न निग़ह आवाज़ इश्क़ अंदाज़ शायरी. Show all posts
Showing posts with label निग़ाह लुत्फ़ शरमा सितम इम्तिहाँ लम्हा हुस्न निग़ह आवाज़ इश्क़ अंदाज़ शायरी. Show all posts

13 October 2026

11486 - 11490 निग़ाह लुत्फ़ शरमा सितम लम्हा तफ़रीक़ हुस्न फ़र्क़ आवाज़ निग़ह इश्क़ अंदाज़ शायरी

 
11486
इश्क़क़ी म'असूमियोंक़ा,
ये भी इक़ अंदाज़ था ;
हम निग़ाह-ए-लुत्फ़-ए-ज़ानासेभी,
शरमाया क़िए……
                                              मुईन अहसन ज़ज़्बी

11487
सितम-ईज़ादक़े,
अंदाज़-ए-सितम तो देख़ो…
इम्तिहाँ इश्क़-ओ-हवसक़ा,
ये नया रक्ख़ा हैं ll
दाग़ देहलवी

11488
इश्क़ वो क़ार-ए-मुसलसल हैं,
क़ि हम अपने लिए…
एक़ लम्हाभी,
पस-अंदाज़ नहीं क़र सक़ते ll
                                               रईस फ़रोग़

11489
तफ़रीक़ हुस्न-ओ-इश्क़क़े,
अंदाज़में न हो…
लफ़्ज़ोंमें फ़र्क़ हो,
मग़र आवाज़में न हो……
मंज़र लख़नवी

11490
ख़िरदवालोंसे हुस्न ओ इश्क़क़ी,
तन्क़ीद क़्या होग़ी…
न अफ़्सून-ए-निग़ह समझा,
न अंदाज़-ए-नज़र ज़ाना……
                                          असरार-उल-हक़ मज़ाज़