10781
जब ख़ामोश आँख़ोंसे,
बात होती हैं l
ऐसे ही मोहब्बतक़ी,
शुरूआत होती हैं !!
10782
प्यारक़ी ज़ुबान,
ख़ामोश होती हैं…
फ़िरभी सब क़ुछ,
बोल देती हैं…!
10783
मेरे ख़्यालोंमें वो रहती हैं,
मुझे अपना वो क़हती हैं l
फ़िरभी क़भी-क़भी,
वो ख़ामोश रहती हैं…!
मेरे ख़्यालोंमें वो रहती हैं,
मुझे अपना वो क़हती हैं l
फ़िरभी क़भी-क़भी,
वो ख़ामोश रहती हैं…!
10784
उनक़ी निग़ाहें,
बहुत क़ुछ क़हती हैं…
पर ज़ुबां अक़्सर,
ख़ामोश रहती हैं...!
10785
जब क़ोई बाहरसे,
ख़ामोश होता हैं…
तो उसक़े अंदर,
बहुत ज्यादा शोर होता हैं ll
जब क़ोई बाहरसे,
ख़ामोश होता हैं…
तो उसक़े अंदर,
बहुत ज्यादा शोर होता हैं ll