1561
मत परवाह कर उनकी, जो आज देते हैं ताना,
झुका देंगे ये सर, जब आएगा
तेरा जमाना,
लहरें बन जाए तुफान, कश्तीका काम हैं बहना,
कुछ तो लोग कहेंगे लोगोंका काम हैं कहना !!!
1562
मैं तेरी जिंदग़ीमें अहम हूँ...
तू बता….. यह हक़ीक़त हैं,
या….. फ़िर मैं वहममें हूँ ?
1563
रंग तेरी मोहब्बतका
उतर न पाया अबतक,
लाख बार खुदको
आँसुओंसे धोया हमने !!!
1564
"कभी उसको नजरअंदाज न करो,
जो तुम्हारी बहुत परवाह करता हो,
वरना किसी दिन तुम्हें एहसास होगा,
के पत्थर जमा करते करते तुमने हीरा गवा दिया हैं..."
1565
चुप रहना ही बेहतर हैं,
ज़मानेके हिसाबसे दोस्तों,
धोकाखा जाते हैं अक्सर...,
ज्यादा बोलने वाले !