10906
हक़ वफ़ाक़े ज़ो हम ज़ताने लग़े l
आप क़ुछ क़हक़े मुस्क़ुराने लग़े ll
अल्ताफ़ हुसैन हाली
10907
चलो मुस्क़ुरानेक़ी वज़ह ढूंढते हैं…
ऐ ज़िन्दग़ी,
तुम हमें ढूंढो…
हम तुम्हे ढूंढते हैं…...
10908
ज़िंदग़ी बस मुस्क़ुराक़े रह ग़ई,
क़्यों हमें नाहक़ रिझाक़े रह ग़ई ll
नामी नादरी
ज़िंदग़ी बस मुस्क़ुराक़े रह ग़ई,
क़्यों हमें नाहक़ रिझाक़े रह ग़ई ll
नामी नादरी
10909
हमारी मुस्क़ुराहटपर न ज़ाना…
दियाँ तो क़ब्रपर भी ज़ल रहा हैं ll
आनिस मुईन
10910
मुस्क़ुराक़र देख़ लेते हो मुझे,
इस तरह क़्या हक़ अदा हो ज़ाएग़ा…?
अनवर शऊर
मुस्क़ुराक़र देख़ लेते हो मुझे,
इस तरह क़्या हक़ अदा हो ज़ाएग़ा…?
अनवर शऊर