2541
दर्द न होता
जिंदगीमें,
तो
खुशीकी कीमत
न होती.......
अगर चाहनेसे मिल
जाता सब
कुछ दुनियाँमें
तो ऊपर वालेकी जरूरत न
होती.......!
2542
मैं मोहब्बत न छुपाऊँ,
तू अदावत न छुपा...
न यहीं राज़में अब हैं,
न वहीं राज़में हैं......
2543
कितना प्यार हैं उनसे,
वो लफ्ज़ोके
सहारे कैसे बताऊँ,
महसूस करे मेरे
एहसास,
गवाही कहाँसे
लाऊ.......!
2544
होने
दो चराग़ाँ महलोंमें,
क़्या
हमक़ो अग़र दीवाली हैं l
मज़दूर
हैं हम, मज़दूर हैं हम,
मज़दूर
क़ी दुनियाँ क़ाली हैं ll
ज़मील
मज़हरी
2545
अकेले रोना भी,
क्या खूब क़ारीग़री
हैं,
सवाल भी ख़ुदक़ा रहता हैं...
और ज़वाब भी ख़ुदक़ा....