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4 June 2016

209 दिल रख़ ज़ला फ़ूल बगल कब्र आदत शायरी


209

आदत, Habit

दिल ज़लाने कि आदत,
उनकी....आज भी नहीं गयी....
वो आज भी फ़ूल,
बगलवाली कब्रपर हि रख़ जाते हैं....

Her Habit of Hurting,
Is still not Enough...
She offers Flowers on,
Neighbors Grave...