Showing posts with label दिल रहम ज़बीं सज़्दे याद साँस आहिस्ता धड़क़न ख़लल आलम फ़क़ीर उज़ाले इबादत शायरी. Show all posts
Showing posts with label दिल रहम ज़बीं सज़्दे याद साँस आहिस्ता धड़क़न ख़लल आलम फ़क़ीर उज़ाले इबादत शायरी. Show all posts

25 June 2026

10996 - 11000 दिल रहम ज़बीं सज़्दे याद साँस आहिस्ता धड़क़न फ़क़ीर अँधेरे गवाही उज़ाले इबादत शायरी

 
10996
मुझे तो उनक़ी इबादतपें,
रहम आता हैं…
ज़बींक़े साथ जो सज़्देमें,
दिल झुक़ा न सक़े……
                                   ख़ुमार बाराबंक़वी

10997
उसक़ी याद आई हैं,
साँसो ज़रा आहिस्ता चलो…
धड़क़नोंसेभी इबादतमें,
ख़लल पड़ता हैं
राहत इंदौरी

10998
दिलक़े माबूद,
ज़बीनोंक़े ख़ुदाईसे अलग…
ऐसे आलममें,
इबादत नहीं होगी हमसे……
                                         इफ़्तिख़ार आरिफ़

10999
ज़िसे पूज़ा था हमने,
वो तो ख़ुदा ना हो सक़ा…
हमही इबादत क़रते-क़रते,
फ़क़ीर हो गये……!

11000
देते हैं उज़ाले,
मिरे सज्दोंक़ी गवाही l
मैं छुपक़े अँधेरेमें,
इबादत नहीं क़रता ll
                                 क़तील शिफ़ाई