10891
बंदिशें इश्क़में,
दुनियाँसे निराली देख़े…
दिल तड़प ज़ाए मग़र,
लब न हिलाए क़ोई……
आले रज़ा रज़ा
10892
बस इक़ झलक़क़ो तड़प रहीं हैं,
रहीन-ए-शौक़-ए-विसाल आँख़े…!
असरा रिज़वी
10893
हर दम तड़पक़े,
लोटता फ़िरता हूँ ख़ाक़, पर…
ग़ोया बना हूँ,
ताइर-ए-बिस्मिल तिरे बग़ैर……
नादिर शाहज़हाँ पुरी
हर दम तड़पक़े,
लोटता फ़िरता हूँ ख़ाक़, पर…
ग़ोया बना हूँ,
ताइर-ए-बिस्मिल तिरे बग़ैर……
नादिर शाहज़हाँ पुरी
10894
ज़ो क़यामतक़ा नहीं दिन,
वो मिरा दिन क़ैसा…
ज़ो तड़पक़र न क़टी हो,
वो मिरी रात नहीं……
मुबारक़ अज़ीमाबादी
10895
यूँ अचानक़ तिरी आवाज़ क़हींसे आई,
ज़ैसे पर्बतक़ा ज़िगर चीरक़े झरना फ़ूटे l
या ज़मीनोंक़ी मोहब्बतमें तड़पक़र नाग़ाह,
आसमानोंसे क़ोई शोख़ सितारा टूटे ll
साहिर लुधियानवी
यूँ अचानक़ तिरी आवाज़ क़हींसे आई,
ज़ैसे पर्बतक़ा ज़िगर चीरक़े झरना फ़ूटे l
या ज़मीनोंक़ी मोहब्बतमें तड़पक़र नाग़ाह,
आसमानोंसे क़ोई शोख़ सितारा टूटे ll
साहिर लुधियानवी
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