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19 May 2016

143 मोहब्बत सोच समझ किनारा सहारा सवार कश्ती शायरी


143

कश्ती, Boat

My friend,
board the boat of love
With caution...
When it moves,
You don't find the shore
And when it sinks,
You don't find any support...!!!

मोहब्बतकी कश्तीमें
सोच समझकर सवार होना
मेरे दोस्त...
जब ये चलती हैं तो
किनारा हीं मिलता और
जब ये डूबती हैं
तो सहारा हीं मिलता...!!!