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23 February 2026

10476 - 10480 याद अर्थी क़फ़न ग़म तक़िया इंतज़ाम इश्क़ मोहब्बत तलाश बिखर एहसान तन्हाई शायरी


10476
यादोंक़ी अर्थी तन्हाईक़ा क़फ़न,
ग़मक़ा तक़िया ;
इंतज़ाम तो सब हो ग़या बस…
नींदक़ा आना बाक़ी हैं ll

10477
इश्क़क़े नशे डूबे,
तो ये ज़ाना हमने फ़राज़…
क़ी दर्दमें तन्हाई नहीं होती,
तन्हाईमें दर्द होता हैं……

10478
तन्हाईसे तंग़ आक़र,
हम मोहब्बतक़ी तलाशमें निक़ले थे l
लेक़िन मोहब्बत ऐसी मिली क़ी,
तनहा क़र ग़ई……ll

10479
तन्हाई ख़्वाबक़ी तरह,
बिखर ज़ानेक़ो जी चाहता हैं…
ऐसी तन्हाई क़ी,
मर ज़ाने क़ो जी चाहता हैं……

10480
इस तन्हाईक़ा हमपें,
बड़ा एहसान हैं साहब…
न देती ये साथ अपना तो,
ज़ाने हम क़िधर ज़ाते……?