2096
नहीं रहा जाता तेरे बिना...
इसीलिए तुझसे बात करते हैं l
वरना हमें भी कोई शौक नहीं हैं,
तुझे यूँ सतानेका.......
2097
अरमान ही बरसो तक,
जला करते हैं,
इंसान तो बस इक पलमे हीं,
खाक हो जाता हैं...
2098
ज़ाते ज़ाते मेरे सीनेसे लग़क़र,
वह रो पड़ी l
आज़तक़ उसक़ी मुझे,
वह मेहरबानी याद हैं ll
2099
"ना पूछ मेरे सब्रकी इंतेहा कहाँ तक हैं,
तू सितम कर ले, तेरी
हसरत जहाँ तक हैं,
वफ़ाकी उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी,
हमें तो देखना हैं, तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं..."
2100
बहुत तकलीफ देता हैं...
ख्वाबोंका,
ख्वाब रह जाना . . .