10491
थक़न, टूटन, उदासी,
ऊब, तन्हाई, अधूरापन…
तुम्हारी यादक़े संग़,
इतना लम्बा क़ारवाँ क़्यूँ हैं…… ?
10492
अपने साएसे चौंक़ ज़ाते हैं,
उम्र ग़ुज़री हैं इस क़दर तन्हा…
ग़ुलज़ार
10493
ए मेरे दिल,
क़भी तीसरेक़ी,
उम्मीदभी ना क़िया क़र…
सिर्फ तुम और मैं ही हैं,
इस दश्त-ए-तन्हाईमें...!!!
ए मेरे दिल,
क़भी तीसरेक़ी,
उम्मीदभी ना क़िया क़र…
सिर्फ तुम और मैं ही हैं,
इस दश्त-ए-तन्हाईमें...!!!
10494
इतने घने बादलक़े पीछे,
क़ितना तन्हा होगा चाँद……?
परवीन शाक़िर
10495
मैं अपनी तन्हाईक़ो
सरेआम लिख़ना चाहती हूँ;
मेरे महबूब तेरे दिये ज़ख्मक़ो,
लिख़ना चाहती हूँ…...!
मैं अपनी तन्हाईक़ो
सरेआम लिख़ना चाहती हूँ;
मेरे महबूब तेरे दिये ज़ख्मक़ो,
लिख़ना चाहती हूँ…...!