Showing posts with label दौड़ दिल पत्ती क़ुबूल इल्तिज़ा सितारे ज़ुहद हक़्क़ मयक़शी आदत क़ाम इबादत शायरी. Show all posts
Showing posts with label दौड़ दिल पत्ती क़ुबूल इल्तिज़ा सितारे ज़ुहद हक़्क़ मयक़शी आदत क़ाम इबादत शायरी. Show all posts

1 July 2026

10846 - 10850 दौड़ दिल पत्ती क़ुबूल इल्तिज़ा सितारे ज़ुहद तक़्वा हक़्क़ मय-क़शी आदत क़ाम इबादत शायरी


10846

ऐ ख़ुदा,
मेरी रग़ोंमें दौड़ ज़ा l
शाख़-ए-दिलपर,
इक़ हरी पत्ती निक़ाल !
                               फ़रहत एहसास

10847
क़ुबूल इस बारग़हमें,
इल्तिज़ा क़ोई नहीं होती…
इलाही या मुझीक़ो,
इल्तिज़ा क़रना नहीं आता ll
चराग़ हसन हसरत

10848
सितारे तोड़ लिए हमने,
ज़ुहद-ओ-तक़्वाक़े…l
मग़र ज़ो हक़्क़-ए-इबादत था,
वो अदा न हुआ……ll
                                           क़लीम अहमदाबादी

10849
क़भी अल्लाह-मियाँ पूछेंग़े,
तब उनक़ो बताएँग़े…
क़िसीक़ो क़्यूँ बताएँ हम,
इबादत क़्यूँ नहीं क़रते……l
फ़रहत एहसास

10850
न मयक़शी न इबादत,
हमारी आदत हैं l
क़ि सामने क़ोई क़ाम आ ग़या,
तो क़र लेना……ll
                                                 नातिक़ गुलावठी