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3 August 2016

463 जिन्दगी भरोसा बताया कहना नजदीकीयाँ शायरी


463

नजदीकीयाँ, In Touch

रखा करो नजदीकीयाँ,
जिन्दगीका कुछ भरोसा नहीं...
फिर न कहना चले भी गये,
और बताया भी नहीं...।

Keep in Touch,
Life is Unpredictable ...
You should not say that i Left,
And not even Bothered to Tell...