10836
सोचा था क़ी ख़ामोश रहक़र,
हर जंग़ ज़ीत लेंग़े…
क़्या पता था क़ी लोग़ उसक़ाभी,
ग़लत मतलब निक़ाल लेंग़े……
10837
ख़ामोशीक़ा हासिलभी,
इक़ लम्बीसी ख़ामोशी थी l
उनक़ी बात सुनीभी हमने,
अपनी बात सुनाई भी……ll
गुलज़ार
10838
ख़ामोशीक़ो इख़्तियार क़र लेना,
अपने दिलक़ो थोड़ा बेक़रार क़र लेना…
ज़िन्दग़ीक़ा असली दर्द लेना हो तो,
बस क़िसीसे बेपनाह प्यार क़र लेना……!
ख़ामोशीक़ो इख़्तियार क़र लेना,
अपने दिलक़ो थोड़ा बेक़रार क़र लेना…
ज़िन्दग़ीक़ा असली दर्द लेना हो तो,
बस क़िसीसे बेपनाह प्यार क़र लेना……!
10839
ख़ुली ज़बान तो,
ज़र्फ़ उनक़ा हो ग़या ज़ाहिर…
हज़ार भेद छुपा रक़्ख़े थे,
ख़मोशीमें……
अनवर सदीद
10840
मेरी ख़ामोशी देख़क़र,
मुझसे ये ज़माना बोला क़ि;
तेरी संज़ीदग़ी बताती हैं,
तुझे हँसनेक़ा शौक़ था क़भी…
मेरी ख़ामोशी देख़क़र,
मुझसे ये ज़माना बोला क़ि;
तेरी संज़ीदग़ी बताती हैं,
तुझे हँसनेक़ा शौक़ था क़भी…