16 January 2026

10291 - 10295 दिल प्यार मोहब्बत तड़प मुश्क़िल बेवफ़ाई राह चाहत इंतज़ार सताना आशिक़ आँख़ मुक़र तड़प शायरी

 
10291
बेवफ़ाईक़ी राहोंमें,
मेरा प्यार बड़ा मुश्क़िलमें हैं...
मोहब्बतक़ी तड़प ज़ाग़ी,
आज़ भी मेरे दिलमें हैं...

10292
तड़पक़े देख़ो क़िसीक़ी चाहतमें,
तो पता चले क़ि इंतज़ार क़्या होता हैं...
यूँ ही मिल ज़ाये अग़र क़ोई बिना तड़पे,
तो क़ैसे पता चलेक़े प्यार क़्या होता हैं...

10293
इंतज़ार क़रक़े देख़ो,
क़िसीक़े प्यारमें,
तब पता चलेग़ी,
तड़प क़्या होती हैं !

10294
याद क़रक़े भूलना ही ना आया हमें,
क़िसीक़े दिलक़ो सताना ही ना आया हमें...
क़िसीक़े लिए तड़पना तो सीख़ लिया,
अपने लिए क़िसीक़ो तड़पाना ना आया हमें...

10295
आशिक़क़ो तेरे,
ऐसे क़्यों तड़पाना
आँख़ोंसे प्यार ज़ताक़र,
क़्यों मुख़से मुक़र ज़ाना

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