19 January 2026

10301 - 10305 दिल प्यार दिनबदल चीज़ संसार बेक़रार सोच आँख़ अशक़बार लुत्फ़ क़माल क़िताब मोहब्ब्त इंतज़ार शायरी

 
10301
बदलना, तय हैं हर चीज़़क़ा इस संसारमें...
बस इंतज़ार क़रो l
क़िसीक़ा बदलेग़ा 'दिल',
क़िसी क़े बदलेंग़े 'दिन' !!!

10302
दिल आज़ फ़िर बेक़रार हैं,
औरआँख़ भी अशक़बार हैं l
हर आहटपर चौंक़ उठता हूँ,
अभी तक़ उनक़ा इंतज़ार हैं ll

10303
"इंतज़ार - ए - यार" भी,
लुत्फ़ क़माल हैं...!!!
"आँख़ें" क़िताबपर और,
"सोच" ज़नाबपर...!!!

10304
सूख़ ग़ए फ़ूलपर बहार वहीं हैं,
दूर रहते हैं पर प्यार वहीं हैं
ज़ानते हैं हम मिल नहीं पा रहें हैं
आपसे मग़र इन आँख़ोंमें,
मोहब्ब्तक़ा इंतज़ार वहीं हैं

10305
मुझे बस इतना बता दो, 
इंतज़ार क़रू......
या बदल ज़ाऊ ?
तुम्हारी तरह......

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