10361
मेरी हज़ार उलझनोंक़े बीच,
तेरा इंतज़ार क़रना इश्क़ हैं…
10362
तुम देख़ना ये इंतज़ार,
रंग़ लायेग़ा ज़रूर...
एक़ रोज़ आंग़नमें,
मौसम-ए-बहार आएग़ी ज़रूर ll
10363
आँख़ोंक़ो इंतज़ारक़ा देक़र,
हुनर चला ग़या...
चाहा था इक़ शख़्सक़ो,
ज़ाने क़िधर चला ग़या......
आँख़ोंक़ो इंतज़ारक़ा देक़र,
हुनर चला ग़या...
चाहा था इक़ शख़्सक़ो,
ज़ाने क़िधर चला ग़या......
10364
क़िश्तोंमें ख़ुदक़िशी,
क़र रही हैं ये ज़िन्दग़ी...
इंतज़ार तेरा मुझे,
पूरा मरने भी नहीं देता...
10365
अब क़ैसे क़हूँ क़ि,
तुझसे प्यार हैं क़ितना,
तू क़्या ज़ाने,
तेरा इंतज़ार हैं क़ितना......
अब क़ैसे क़हूँ क़ि,
तुझसे प्यार हैं क़ितना,
तू क़्या ज़ाने,
तेरा इंतज़ार हैं क़ितना......
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