11341
तुम्हारा हिज़्र मना लूँ,
अग़र इज़ाज़त हो…
मैं दिल क़िसीसे लग़ा लूँ,
अग़र इज़ाज़त हो……
ज़ौन एलिया
11342
तुम्हारे बा'द भला क़्या हैं,
वअदा-ओ-पैमा…
बस अपना वक़्त ग़वा लूँ,
अग़र इज़ाज़त हो……
ज़ौन एलिया
11343
तुम्हारे हिज़्रक़ी,
शब-हा-ए-क़ारमें ज़ाना…
क़ोई चराग़ ज़ला लूँ,
अग़र इज़ाज़त हो……
ज़ौन एलिया
तुम्हारे हिज़्रक़ी,
शब-हा-ए-क़ारमें ज़ाना…
क़ोई चराग़ ज़ला लूँ,
अग़र इज़ाज़त हो……
ज़ौन एलिया
11344
ज़ुनूँ वहीं हैं, वहीं मैं,
मग़र हैं शहर नया…
यहाँभी शोर मचा लूँ,
अग़र इज़ाज़त हो……
ज़ौन एलिया
11345
क़िसे हैं ख़्वाहिश-ए-मरहम-ग़री,
मग़र फ़िरभी…
मैं अपने ज़ख़्म दिख़ा लूँ,
अग़र इज़ाज़त हो……
ज़ौन एलिया
क़िसे हैं ख़्वाहिश-ए-मरहम-ग़री,
मग़र फ़िरभी…
मैं अपने ज़ख़्म दिख़ा लूँ,
अग़र इज़ाज़त हो……
ज़ौन एलिया