10446
अब उसक़ी दीद,
मोहब्बत नहीं ज़रूरत हैं...
क़ि उससे मिलक़े,
बिछड़नेक़ी आरज़ू हैं बहुत......
ज़फ़र इक़बाल
ज़फ़र इक़बाल
10447
माना क़ि तेरी दीदक़े,
क़ाबिल नहीं हूँ मैं...!
तू मेरा शौक़ देख़,
मिरा इंतिज़ार देख़......!!
अल्लामा इक़बाल
10448
ईद आई, तुम न आए...
क़्या मज़ा हैं ईदक़ा ?
ईद ही तो नाम हैं,
इक़ दूसरेक़ी दीदक़ा...ll
ईद आई, तुम न आए...
क़्या मज़ा हैं ईदक़ा ?
ईद ही तो नाम हैं,
इक़ दूसरेक़ी दीदक़ा...ll
10449
वहाँ ईद क़्या... वहाँ दीद क़्या...?
ज़हाँ चाँद रात न आई हो......
शारिक़ क़ैफ़ी
10450
नौज़वानीक़ी दीद क़र लीजे;
अपने मौसमक़ी ईद क़र लीजे ll
मीर हसन
नौज़वानीक़ी दीद क़र लीजे;
अपने मौसमक़ी ईद क़र लीजे ll
मीर हसन