11376 शायरी
वस्ल हैं उनक़ी,
अदा हिज़्र हैं उनक़ा अंदाज़…
क़ौनसा रंग़ भरूँ,
इश्क़क़े अफ़्सानोंमें……
मख़दूम मुहिउद्दीन
11377
अदाओंक़े अंदाज़ देख़क़र ज़ान ग़ये,
भरी महफ़िलमें महबूबको पहचान ग़ये ll
11378
नाज़-ओ-अंदाज़-ओ-अदा,
होंठोंपें हल्क़ीसी हँसी…
तेरी तस्वीरमें सब क़ुछ हैं,
तक़ल्लुम तो नहीं……
क़मर ज़लालवी
नाज़-ओ-अंदाज़-ओ-अदा,
होंठोंपें हल्क़ीसी हँसी…
तेरी तस्वीरमें सब क़ुछ हैं,
तक़ल्लुम तो नहीं……
क़मर ज़लालवी
11379
क़ुछ ऐसा अंदाज़ था,
उनक़ी हर अदामें…
क़े तस्वीरभी देख़ूँ उनक़ी,
तो ख़ुशी तैर ज़ाती हैं चेहरेपें !!!!
11380
हुस्नमें हूरसे बढ़क़र,
नहीं होनेक़े क़भी……
आपक़ा शेवा-ओ-अंदाज़-ओ-अदा,
और सही……!
मिर्ज़ा ग़ालिब
हुस्नमें हूरसे बढ़क़र,
नहीं होनेक़े क़भी……
आपक़ा शेवा-ओ-अंदाज़-ओ-अदा,
और सही……!
मिर्ज़ा ग़ालिब
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