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3 May 2016

27 क़तरा सही अन्दर समन्दर लिख हथेली पता मुक़द्दर शायरी


27

मुक़द्दर, Destiny

I am a drop inside you,
If I am inside you, I am an ocean,
No one writes about me on their palm,
Still everyone knows that I am their destiny.

एक क़तरा सही तेरे अन्दर हूँ मैं,
तेरे अंदर हूँ मैं तो समन्दर हूँ मैं,
मुझको लिखती नहीं हैं हथेली कोई,
फिर भी सबको पता हैं कि मुक़द्दर हूँ मैं ll