गहरी बातें समझनेक़े लिए,
गहरा होना ज़रुरी हैं...
और गहरा वहीं हो सक़ता हैं,
ज़िसने गहरी चोटें ख़ायी हो.......
9922
ज़रूरी नहीं हैं क़ि,
तू मेरी हर बात समझे...
ज़रूरी ये हैं क़ि,
तू मुझे क़ुछ तो समझे......
9923
मोहब्बत ऐसे भी,
निभानी चाहिये...
क़ुछ बातें बिन क़हे भी,
समझ ज़ानी चाहिये......!!!
मोहब्बत ऐसे भी,
निभानी चाहिये...
क़ुछ बातें बिन क़हे भी,
समझ ज़ानी चाहिये......!!!
9924
समझना आसान हैं,
क़ुछ बातें...
पर उन्हें समझाना,
मुश्क़िल हैं......
9925
समझे ना तुम ज़िसे आँख़ोंसे,
वो बात मुँह ज़बानी क़ह देंगे l
मेरी तबाहीक़ा इलज़ाम अब शराबपर हैं,
क़रता भी क़्या...
बात ज़ो तुम पर आ रहीं थी..........
समझे ना तुम ज़िसे आँख़ोंसे,
वो बात मुँह ज़बानी क़ह देंगे l
मेरी तबाहीक़ा इलज़ाम अब शराबपर हैं,
क़रता भी क़्या...
बात ज़ो तुम पर आ रहीं थी..........