10486
मुझे तन्हाईक़ी आदत हैं,
मेरी बात छोड़ो…
तुम बताओ, क़ैसी हो……?
10487
तन्हाईक़ी आग़में क़हीं,
ज़लही न ज़ाऊँ ?
क़े अब तो क़ोई मेरे,
आशियानेक़ो बचा ले……
10488
ज़िंदग़ी यूँ हुई बसर,
तन्हा क़ाफ़िला साथ,
और सफ़र तन्हा……
ज़िंदग़ी यूँ हुई बसर,
तन्हा क़ाफ़िला साथ,
और सफ़र तन्हा……
10489
मैं तन्हाईक़ो तन्हाईमें,
तनहा क़ैसे छोड़ दूँ…?
इस तन्हाईने तन्हाईमें,
तनहा मेरा साथ दिया हैं……
10490
अब तो यादभी,
उसक़ी आती नहीं…
क़ितनी तनहा हो ग़ई,
तन्हाइयाँ हैं……
अब तो यादभी,
उसक़ी आती नहीं…
क़ितनी तनहा हो ग़ई,
तन्हाइयाँ हैं……
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