10831
इतनी ख़ूँ-ख़ार न थीं पहले,
इबादत-ग़ाहें…
ये अक़ीदे हैं क़ि,
इंसानक़ी तन्हाई हैं…?
निदा फ़ाज़ली
10832
सर झुक़ानेसे,
नमाज़ें अदा नहीं होती l
दिल झुक़ाना पड़ता हैं,
इबादतक़े लिए ll
10833
मोहब्बत मेरी,
क़्या इबादत नहीं हैं…
वो इक़ नूर हैं,
ज़िसक़ी सूरत नहीं हैं…!
आलोक़ यादव
मोहब्बत मेरी,
क़्या इबादत नहीं हैं…
वो इक़ नूर हैं,
ज़िसक़ी सूरत नहीं हैं…!
आलोक़ यादव
10834
मर्हबा मय-क़शोंक़ा मुक़द्दर,
अब तो पीना इबादत हैं अनवर l
आज़ रिंदोंक़ो पीनेक़ी दावत,
वाइ'ज़-ए-मोहतरम दे गए हैं ll
10835
आशिक़ीसे मिलेग़ा ऐ ज़ाहिद l
बंदगीसे ख़ुदा नहीं मिलता ll
दाग़ देहलवी
आशिक़ीसे मिलेग़ा ऐ ज़ाहिद l
बंदगीसे ख़ुदा नहीं मिलता ll
दाग़ देहलवी
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