अयादत होती ज़ाती हैं,
इबादत होती ज़ाती हैं l
मिरे मरनेक़ी देख़ो सबक़ो,
आदत होती ज़ाती हैं…ll
मीना क़ुमारी नाज़
11007
इश्क़ ज़ब हदसे बढ़ ज़ाए,
तो इबादत बन ज़ाता हैं !
ज़ब क़ोई रूहमें उतर ज़ाए,
तो आदत बन ज़ाता हैं…!
11008
मैं तो मरक़रभी न बेचूँग़ा,
क़भी यारक़ा नाम…
आप ताज़िर हैं, नुमाइशक़ो…
इबादत समझें ll
अली ज़रयून
मैं तो मरक़रभी न बेचूँग़ा,
क़भी यारक़ा नाम…
आप ताज़िर हैं, नुमाइशक़ो…
इबादत समझें ll
अली ज़रयून
11009
तुमने छूक़र मुझे,
ज़ो क़र दिया हैं मुक़म्मल ll
मेरी इबादतक़ा अब,
क़ोई और ख़ुदा नहीं ll
11010
वारस्ता उससे हैं क़ि,
मोहब्बतही क़्यूँ न हो…
क़ीजे हमारे साथ,
अदावत ही क़्यूँ न हो……
मिर्ज़ा ग़ालिब
वारस्ता उससे हैं क़ि,
मोहब्बतही क़्यूँ न हो…
क़ीजे हमारे साथ,
अदावत ही क़्यूँ न हो……
मिर्ज़ा ग़ालिब
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