28 June 2019

4426 - 4430 दिल चाहत रिश्ते मोहोब्बत लम्हा करवट ख्याल बात साँस धड़क एहसास शायरी


4426
एहसास-ए-मोहब्बत,
क्या हैं, ज़रा हमसे पूछो...
करवट तुम बदलते हो,
नींद मेरी खुल जाती हैं...

4427
कुछ सोचू तो तेरा ख्याल आ जाता हैं,
कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता हैं l
कब तलक बयाँ करूं दिलकी बात,
हर साँसमें अब तेरा एहसास आ जाता हैं ll

4428
मेरे दिलको अगर तेरा एहसास नहीं होता,
तू दूर रह कर भी यूँ मेरे पास नहीं होता l
इस दिलमें तेरी चाहत ऐसे बसा ली हैं,
एक लम्हा भी तुझ बिन ख़ास नहीं होता ll

4429
छुपे-छुपेसे रहते हैं,
सरेआम नहीं होते;
कुछ रिश्ते, सिर्फ एहसास हैं
उनके नाम नहीं होते...!

4430
एहसास नहीं बदलते,
तारीखोंके साथ...
तुम धड़क रहे हो मुझमें,
हर एक साँसके साथ...!

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