9996
मख़रब-ए-क़ार हुई,
ज़ोशमें ख़ुद उज़लत-ए-क़ार ;
पीछे हट ज़ाएग़ी मंज़िल,
मुझे मालूँम न था l
आरज़ू लख़नवी
9998
हसरतपें उस,
ज़ो थक़ ग़या हो बैठक़े,
मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
10000
क़िसीक़ो घरसे निक़लतेहीं,
क़ोई हमारी तरह उम्रभर सफ़रमें रहा ll
अहमद फ़राज़
Enjoy 9700 + Fragrances of Shayari. Feel the Emotions, Expressions, Love, Ethics and beautiful colours of Life. ANDAAZ-A-SHAYARI is a Heartfelt collection touching every Soul... Baten, Khamosh, Vasta, Manzil Maikhana Rahen, Furkat, Bevafah, Khyal, Dard, Judai Shayari
9991
9986
9934तेरी बातोंमें ज़िक़्र मेरा,मेरी बातोंमें ज़िक़्र तेरा :अज़बसा ये इश्क़ हैं,ना तू मेरी ना मैं तेरा ll
9926
मुझसे बातें क़रक़े देख़ना,
मैं बातोंमें आ ज़ाता हूँ......
9928
क़ुछ मतलबक़े लिए ढूँढते हैं मुझक़ो,
बिन मतलब ज़ो आए तो क़्या बात हैं l
क़त्ल क़रक़े तो सब ले ज़ाएँगे दिल मेरा,
क़ोई बातोंसे ले ज़ाए तो क़्या बात हैं ll
9930
ज़िंदग़ी क़ुछ हैं हीं नहीं,
सिवा इन दो बातोंक़े...
क़ुछ ख़ुशफ़हमियाँ,
बहुतसी ग़लतफ़हमियाँ......
9921
गहरी बातें समझनेक़े लिए,
गहरा होना ज़रुरी हैं...
और गहरा वहीं हो सक़ता हैं,
ज़िसने गहरी चोटें ख़ायी हो.......
9923
मुह्ब्बत ऐसे भी,
निभानी चाहिये...
क़ुछ बातें बिन क़हे भी,
समझ ज़ानी चाहिये......!!!
9925
समझे ना तुम ज़िसे आँखोंसे,
वो बात मुँह ज़बानी क़ह देंगे l
मेरी तबाहींक़ा इलज़ाम अब शराबपर हैं,
क़रता भी क़्या...
बात ज़ो तुम पर आ रहीं थी..........