14 February 2021

7161 - 7165 दिल प्यार उल्फ़त मोहब्बत डर अंदाज़ तबाह इज़हार दोस्ती दुश्मनी शायरी

 

7161
लोग डरते हैं,
दुश्मनीसे तिरी...
हम तिरी दोस्तीसे,
डरते हैं.......!

7162
उसका ये अंदाज़ भी,
दिलको भा गया हैं;
कल तक जो दोस्त था,
आज दुश्मनीपर गया हैं ll

7163
पूछा हैं ग़ैरसे मिरे,
हाल--तबाहको...
इज़हार--दोस्तीभी किया,
दुश्मनीके साथ.......

7164
कभी ख़ुदको मेरे प्यारमें,
भुलाकर देख...
दुश्मनी अच्छी नहीं,
मुझे दोस्त बनाकर देख...!

7165
सच कहते हैं कि,
नाम मोहब्बतका हैं बड़ा l
उल्फ़त जताके दोस्तको,
दुश्मन बना लिया ll
                          जोश लखनवी

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