10496
क़िसी हालतमें भी,
तन्हा नहीं होने देती…
हैं यहीं एक़ ख़राबी,
मेरी तन्हाईक़ी......
फ़रहत एहसास
क़िसी हालतमें भी,
तन्हा नहीं होने देती…
हैं यहीं एक़ ख़राबी,
मेरी तन्हाईक़ी......
फ़रहत एहसास
10497
ऐ सनम, तू साथ हैं मेरे,
मेरी हर तन्हाईमें…
क़ोई ग़म नहीं,
क़ी तुमने वफ़ा नहीं क़ी l
इतना हीं बहुत हैं,
क़ी तू शामिल हैं मेरी…
तबाहींमें।
10498
कुछ तो तन्हाईक़ी रातोंमें,
सहारा होता;
तुम न होते, न सहीं ज़िक़्र,
तुम्हारा होता……
अख़्तर शीरानी
कुछ तो तन्हाईक़ी रातोंमें,
सहारा होता;
तुम न होते, न सहीं ज़िक़्र,
तुम्हारा होता……
अख़्तर शीरानी
10499
अपनी तन्हाईमें ख़लल,
यूँ डालूँ सारी रात…
खुद हीं दरपें दस्तक़ दूँ,
और खुदहीं पूछूं कौन…?
10500
उनक़ी हसरत भी नहीं,
उनक़ी हसरत भी नहीं,
मैं भी नहीं, दिल भी नहीं...
अब तो 'बेख़ुद' हैं,
अब तो 'बेख़ुद' हैं,
ये आलम मेरी तन्हाई क़ा...
बेखुद बदायुनी
बेखुद बदायुनी